World
होर्मुज के चक्रव्यूह को पार कर भारत की ओर बढ़ा ‘सर्व शक्ति’ टैंकर
May 3, 2026
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री व्यापार प्रभावित हो रहा है, जहां कई जहाजों की आवाजाही बाधित हो गई है। ऐसे संवेदनशील माहौल में भारत से जुड़ा एलपीजी टैंकर ‘सर्व शक्ति’ सुरक्षित रूप से इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को पार करने में सफल रहा है। यह घटना भारत के लिए राहत भरी मानी जा रही है, क्योंकि देश इस समय ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े दबावों का सामना कर रहा है।
मरीन ट्रैफिक के अनुसार, मार्शल आइलैंड्स के ध्वज वाले इस जहाज में लगभग 45,000 टन एलपीजी (रसोई गैस) लदी हुई है। यह जहाज ईरान के लारक और क़ेश्म द्वीपों के पास से गुजरते हुए ओमान की खाड़ी में प्रवेश कर चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें 18 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार हैं और यह अब भारत के विशाखापत्तनम स्थित एक प्रमुख एलएनजी टर्मिनल की ओर बढ़ रहा है।
यह जहाज पहले भी फारस की खाड़ी और भारत के बंदरगाहों के बीच कई बार यात्रा कर चुका है। बताया गया है कि फरवरी की शुरुआत में यह फारस की खाड़ी में प्रवेश हुआ था और दुबई के पास जहाज-से-जहाज ट्रांसफर के माध्यम से इसे कार्गो मिला, हालांकि गैस के स्रोत की पुष्टि स्पष्ट नहीं हो सकी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने में आमतौर पर 10 से 14 घंटे का समय लगता है, लेकिन मौजूदा तनावपूर्ण स्थिति के कारण यह मार्ग अत्यंत संवेदनशील हो गया है। इसके बावजूद ‘सर्व शक्ति’ ने तेहरान द्वारा निर्धारित मार्ग का पालन करते हुए सुरक्षित पारगमन किया।
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और दूसरा सबसे बड़ा LPG उपभोक्ता है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बना हुआ है, जिससे कुछ क्षेत्रों में गैस की कमी और वितरण संबंधी चुनौतियां देखी जा रही हैं।
इस बीच भारत सरकार ने कूटनीतिक प्रयासों के जरिए ईरान के सहयोग से अब तक 8 LPG टैंकरों को सुरक्षित निकालने में सफलता हासिल की है। साथ ही घरेलू उत्पादन को बढ़ाकर लगभग 54,000 टन प्रतिदिन तक पहुंचा दिया गया है, जबकि खपत करीब 80,000 टन प्रतिदिन के आसपास बनी हुई है।
‘सर्व शक्ति’ की यह सुरक्षित यात्रा भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है, जो मौजूदा वैश्विक अस्थिरता के बीच आपूर्ति स्थिरता बनाए रखने में मदद कर सकती है।