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45 दिनों में BSF को जमीन देने का बड़ा फैसला, कैबिनेट में मंजूरी

May 11, 2026 Source: India Scope Media

45 दिनों में BSF को जमीन देने का बड़ा फैसला, कैबिनेट में मंजूरी
पश्चिम बंगाल की नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में नबन्ना में आयोजित की गई। इस बैठक में कुल छह महत्वपूर्ण एजेंडों को मंजूरी दी गई, जिनमें स्वास्थ्य, रोजगार, सुरक्षा और प्रशासन से जुड़े बड़े फैसले शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इसे “सुशासन और सुरक्षा” की दिशा में एक अहम शुरुआत बताया और कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबके लिए विकास” के विजन को आगे बढ़ाना है। बैठक में सबसे प्रमुख निर्णय केंद्र सरकार की **आयुष्मान भारत योजना** को पूरे पश्चिम बंगाल में लागू करने का रहा। इसके साथ ही अन्य केंद्रीय योजनाओं जैसे **प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ** को भी राज्य में लागू करने की घोषणा की गई। सरकार ने कहा कि वह सभी राष्ट्रीय योजनाओं के साथ जुड़कर राज्य में स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण को मजबूत करेगी। सुरक्षा से जुड़े एक महत्वपूर्ण फैसले में यह तय किया गया कि सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सीमा पर बाड़बंदी (फेंसिंग) के लिए आवश्यक जमीन **45 दिनों के भीतर** उपलब्ध कराई जाएगी। इस प्रक्रिया की शुरुआत तुरंत प्रभाव से करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे सीमा सुरक्षा को मजबूत किया जा सके। शासन से जुड़े अन्य फैसलों में सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करने की **आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट** देने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा राज्य में जनगणना शुरू करने को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है, जिससे प्रशासनिक योजनाओं और विकास कार्यों को बेहतर तरीके से लागू किया जा सके। बैठक के दौरान चुनाव आयोग, मतदान कर्मियों, केंद्रीय बलों, राज्य पुलिस, कोलकाता पुलिस, सभी राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों और जनता के प्रति आभार भी व्यक्त किया गया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में सुशासन के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय बढ़ाकर कई विकास योजनाओं को तेजी से लागू किया जाएगा। इस पहली कैबिनेट बैठक को नई सरकार के लिए एक निर्णायक और नीतिगत बदलाव की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें प्रशासनिक सुधार, सामाजिक कल्याण और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया है।