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बालेन शाह की विदेश नीति से भारत-नेपाल संबंधों में खटास

May 11, 2026 Source: India Scope Media

बालेन शाह की विदेश नीति से भारत-नेपाल संबंधों में खटास
यह लेख नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से जुड़े कुछ कथित राजनीतिक फैसलों और भारत-नेपाल संबंधों पर उनके प्रभाव को लेकर लगाए गए आरोपों और रिपोर्ट्स पर आधारित है। इसमें दावा किया गया है कि बालेन शाह के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत के साथ संबंधों में तनाव की स्थिति देखी जा रही है और उनके कुछ हालिया कदमों को भारत-विरोधी बताया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, बालेन शाह ने पहले भी भारत के खिलाफ रुख रखने वाले बयान दिए थे। उदाहरण के तौर पर 2022 में उन्होंने “ग्रेटर नेपाल” का एक मानचित्र साझा किया था, जिसे विवादास्पद माना गया था। इसके अलावा काठमांडू के मेयर रहते हुए उन्होंने फिल्म *आदिपुरुष* को नेपाल के सिनेमाघरों में रिलीज होने से रोकने का फैसला भी लिया था, जिसे कुछ लोगों ने भारत से जुड़े सांस्कृतिक विवाद के रूप में देखा। लेख में यह भी दावा किया गया है कि हाल ही में नेपाल-भारत सीमा से जुड़े नियमों में बदलाव किए गए हैं। इसके तहत भारत से नेपाल जाने वाले नागरिकों को पहचान पत्र साथ रखने और सुरक्षा जांच से गुजरने की बात कही गई है। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में 100 रुपये से अधिक के सामान पर कस्टम शुल्क लागू किए जाने से स्थानीय लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, कालापानी और लिपुलेख जैसे सीमा विवादों को फिर से उठाए जाने और मानसरोवर यात्रा से जुड़े मुद्दों पर नेपाल की ओर से असहमति जताने की बात भी रिपोर्ट में शामिल है। लेख में यह भी दावा किया गया है कि नेपाल सरकार और भारत के विदेश मंत्रालय के बीच प्रस्तावित उच्चस्तरीय बैठक रद्द हो गई, जिसे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये सभी दावे एक पक्षीय रिपोर्ट पर आधारित हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। भारत और नेपाल के संबंध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से गहरे जुड़े हुए हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग और संवाद भी लगातार जारी रहता है।