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ट्रंप का दावा: ईरान अब नहीं निकाल सकता न्यूक्लियर डस्ट

May 11, 2026 Source: India Scope Media

ट्रंप का दावा: ईरान अब नहीं निकाल सकता न्यूक्लियर डस्ट
Donald Trump के हालिया बयान ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने दावा किया है कि अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद Iran के कई परमाणु ठिकाने पूरी तरह तबाह हो चुके हैं और अब वहां से रेडियोएक्टिव सामग्री यानी “न्यूक्लियर डस्ट” निकालना भी संभव नहीं रह गया है। ईरान के परमाणु ढांचे पर गंभीर दावा ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान के परमाणु केंद्र इतने गहरे और व्यापक नुकसान का शिकार हुए हैं कि अब उनके पास वहां मौजूद सामग्री को सुरक्षित रूप से बाहर निकालने की तकनीकी क्षमता नहीं बची है। उनके अनुसार, बमबारी के बाद परमाणु सामग्री जमीन के बेहद गहरे हिस्सों में दब चुकी है, जिससे उसे रिकवर करना लगभग असंभव हो गया है। परमाणु हथियार को लेकर सख्त रुख Donald Trump ने यह भी साफ किया कि United States किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं देगा। हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि आगे की कार्रवाई को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में सैन्य और कूटनीतिक दोनों विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। ईरान को दी गई कड़ी चेतावनी व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना के वरिष्ठ जनरल किसी भी संभावित आदेश के लिए तैयार हैं। उनके इस बयान को ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा हालात में अमेरिका अपनी सुरक्षा और रणनीतिक हितों से समझौता नहीं करेगा। युद्धविराम और बढ़ता तनाव रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने संघर्ष समाप्त करने के लिए एक प्रस्ताव भेजा था, लेकिन ट्रंप ने उसे पूरी तरह अस्वीकार कर दिया। उन्होंने इसे “अस्वीकार्य” बताते हुए कहा कि ईरान लंबे समय से अमेरिका के साथ गलत तरीके से व्यवहार करता रहा है। संघर्ष की शुरुआत फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर बड़े हमलों से हुई थी। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें क्षेत्रीय अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। अप्रैल में युद्धविराम पर सहमति बनने के बाद बड़े हमले रुक गए, लेकिन तनाव अभी भी कायम है और दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है। कुल मिलाकर, स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है और भविष्य में यह विवाद और गहरा भी हो सकता है।